Premanand Ji Maharaj 2 Line Shayari In Hindi

Premanand Ji Maharaj 2 Line Shayari In Hindi – अगर आप भी मेरी तरह प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन और उनकी वाणी से प्रभावित है और उनसे प्रेम करते है। तो Premanand Ji Maharaj Shayari पर लिखी ये पोस्ट आपके लिए है।

यहाँ पर हमने प्रेमानंद जी महाराज के ऊपर कुछ शायरियां लिखकर साझा की है। और साथ ही हमने यहाँ पर श्री राधारानी के प्रति प्रेमानंद जी महाराज की भक्ति को शायरी के माध्यम से व्यक्त करने की भी कोशिश की हैं। उम्मीद है यह छोटा सा प्रयास आप लोगों को पसंद आएगा।

Premanand Ji Maharaj Shayari In Hindi

वृंदावन की मिट्टी में वो प्रेम का अमृत घोलते हैं,
प्रेमानंदजी महाराज तो बस ‘राधा-राधा’ बोलते हैं।

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जिन्होंने बचपन से ही राधारानी के चरणों में अपना सर्वस्व लुटाया,
उन्हीं प्रेमानंदजी महाराज ने तो दुनिया को भक्ति का मार्ग दिखाया।

कोई कहे तपस्वी उन्हें, कोई कहे कृष्ण का रूप,
वो तो बस शीतल छाँव हैं, हम जैसों के लिए कड़ी धूप।

नाम जाप की महिमा वो हर पल बताते हैं,
भटके हुए जीवों को बाबा प्रभु से मिलाते हैं।

दुनिया के झूठे रिश्तों से अब नाता तोड़ लो,
अपने जीवन की डोर श्री राधारानी से जोड़ लो।

ना पद का लालच, ना सम्मान की कोई चाह रखी,
महाराज ने तो सदा अपनी लाड़ली जू की राह तक़ी।

रात्रिकाल की वेला में जो पद-यात्रा पर निकलते हैं,
उनके दर्शन मात्र से भक्तों के पाप हृदय के जलते हैं।

उनकी वाणी में ऐसी सादगी जो सीधा रूह में उतर जाए,
जो सुन ले महाराज को एक बार, वो राधा नाम में खो जाए।

महल छोड़ कर जिन्होंने कुटिया का ठाठ सजाया है,
सच्चे सुख का मतलब उन्होंने पूरी दुनिया को बताया है।

शांति की तलाश में दर-दर भटकना छोड़ दो,
मन का रुख वृंदावन की गलियों की ओर मोड़ दो।

जुबां पर राधा का नाम और आँखों में आँसू हों,
बाबा कहते हैं, हर पल तुम्हारे हृदय में प्रभु हों।

व्यर्थ की चिंता छोड़ कर, प्रभु पर विश्वास कर,
अंतर्मन में अपने उस राधा-प्यारी का वास कर।

किडनी की पीड़ा भी जिन्हें डिगा न पाई अपने पथ से,
वो वैराग्य सिखा रहे हैं हमें भक्ति के पावन रथ से।

प्रेम की परिभाषा जो उनके मुख से झरने लगती है,
मुरझाई हुई ज़िंदगी भी फिर से सवरने लगती है।

साधु वही जो मोह-माया के बंधन को काट दे,
प्रेमानंद जी वही हैं, जो सबमें प्रेम बाँट दें।

वृंदावन की रास-लीला उनके शब्दों में दिखती है,
उनकी हर एक बात मन के कोरे कागज़ पर लिखती है।

कठिन साधना, अटूट नियम और श्री जी पर विश्वास,
प्रेमानंद जी सिखाते हैं कैसे पाएँ प्रभु का वास।

दुनिया जिसे बीमारी समझे, उन्होंने उसे प्रभु की भेंट कहा,
ऐसा प्रेम तो प्रभु के लिए बस प्रेमानंदजी महाराज में ही देखा।

जिनके होंठों पर निरंतर राधा नाम की माला है,
वही तो वृंदावन की भक्ति का सबसे बड़ा उजाला है।

Premanand Ji Maharaj 2 Line Shayari

वो कहते हैं “चिंता मतकर” सब राधा रानी संभाल लेगी,
भव सागर से तेरी डूबती नैया वो पल में पार लगा देगी।

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शरीर तो क्षणभंगुर है, इसे मिट्टी में मिल जाना है,
महाराज कहते हैं राधा-नाम ही असली खजाना है।

जितना तुम संसार के पीछे भागोगे, उतना ही पछताओगे,
राधा चरण पकड़ लो, तो जीवन-मुक्त हो जाओगे।

उनकी वाणी में वो तेज़ है जो अंधेरा मिटा देता है,
एक सच्चा संत ही हमें खुद से मिला देता है।

लोभ, मोह और क्रोध को जो त्यागने की सीख देते हैं,
प्रेमानंद जी तो सबको भक्ति की भीख देते हैं।

कृष्ण से मिलने का रास्ता राधा की गली से जाता है,
बाबा का हर एक वचन सच्चा सुकून दिलाता है।

त्याग की मूरत, भक्ति की सूरत, वो संत निराले हैं,
श्री राधा वल्लभ लाल के वो सबसे प्यारे लाडले हैं।

भोर की पहली किरण सा उनके मुख का तेज़ निराला,
पी लिया है जिन्होंने खुद ही भक्ति का विष का प्याला।

सबसे बड़ा है रोग ‘क्या कहेंगे लोग’ ये भूल जाओ,
राधा-राधा जपते हुए, प्रेम मस्ताने हो जाओ।

जिनके हृदय में ब्रज-रज का निवास होता है,
उनके चेहरे पर ही अलग सा प्रकाश होता है।

सेवा ही परम धर्म है, ये उन्होंने सिखाया है,
राधा नाम से ही तो उन्होंने सब कुछ पाया है।

चलो चलें उस देश जहाँ प्रेमानंद जी रहते हैं,
जहाँ हर सांस में लोग बस ‘राधे-राधे’ कहते हैं।

गुरु वही जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले चले,
राधारानी की कृपा से हमें सब दुखों से परे ले चले।

संसार की भीड़ में खुद को खोने मत देना,
राधा-नाम की डोरी को कभी हाथ से छूटने मत देना।

शरीर भले ही थक जाए पर नाम जप नहीं रुकता,
उनके जैसा सच्चा फकीर कभी दुनिया के आगे नहीं झुकता।

वृंदावन का कण-कण उनकी वाणी में बोलता है,
वो संत ही है जो मोक्ष के सारे द्वार खोलता है।

जिन्हें देख कर पत्थर दिल भी पानी-पानी हो जाए,
उनकी शरण में आकर हर कोई कृष्ण-भक्ति में खो जाए।

सादगी की मिसाल हैं वो प्रेम का बहता दरिया है,
राधा रानी से मिलने का वो सबसे सच्चा जरिया है।

उनके सत्संग का हर एक शब्द जैसे अमृत की एक धारा है,
प्रेमानंदजी महाराज हम जैसे भटके हुए जीवों का सहारा है।

Final Words on Premanand Ji Maharaj 2 Line Shayari In Hindi

आशा है कि आप भक्तों को यहाँ पर जो Premanand Ji Maharaj Shayari लिखी गयी है आपको अवश्य ही पसंद आयी होगी। प्रेमानंद जी महाराज के विचार केवल सुनने के लिए नहीं बल्कि जीवन में अपनाने के लिए हैं।

इन खूबसूरत लाइनों को पढ़कर आपके मन को बहुत शांति मिली होगी और महाराज जी की बातें सीधे आपके दिल तक पहुंची होंगी। आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी और महाराज जी का कौन सा विचार आपको सबसे ज्यादा अच्छा लगा, हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताइएगा।

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